नमस्‍कार साथियों,

आज बजट सत्र का प्रारंभ हो रहा है। मैं आप सभी का और देशभर के सभी आदरणीय सांसदों का इस बजट सत्र में स्‍वागत करता हूँ। आज की वैश्विक परिस्थिति में भारत के लिए बहुत अवसर मौजूद हैं। ये बजट सत्र विश्‍व में सिर्फ भारत की आर्थिक प्रगति, भारत में वैक्‍सीनेशन का अभियान, भारत की अपनी खोजी हुई वैक्‍सीन पूरी दुनिया में एक विश्‍वास पैदा कर रही है। 

इस बजट सत्र में भी हम सांसदों की बातचीतें, हम सांसदों के चर्चा के मुद्दे, खुले मन से की गई चर्चा, वैश्विक प्रभाव का एक महत्‍वपूर्ण अवसर बन सकती है। 

मैं आशा करता हूँ कि सभी आदरणीय सांसद, सभी राजनीतिक दल खुले मन से उत्तम चर्चा करके देश को प्रगति के रास्‍ते पर ले जाने में, उसमें गति लाने में अवश्‍य मदद रूप होंगे। 

ये बात सही है कि बार-बार चुनाव के कारण सत्र भी प्रभावित होते हैं, चर्चाएं भी प्रभावित होती हैं। लेकिन मैं सभी आदरणीय सांसदों से प्रार्थना करूंगा कि चुनाव अपनी जगह पर हैं, वो चलते रहेंगे, लेकिन हम सदन में…ये बजट सत्र एक प्रकार से पूरे वर्षभर का खाका खींचता है और इसलिए बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस बजट सत्र को जितना ज्यादा फलदायी बनायेंगे, आने वाला पूरा वर्ष नई आर्थिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भी एक बहुत बड़ा अवसर बनेगा। 

मुक्त चर्चा हो, मननीय चर्चा हो, मानवीय संवेदनाओं से भरी हुई चर्चा हो, अच्‍छे मकसद से चर्चा हो, इसी अपेक्षा के साथ आप सबका बहुत-बहुत धन्‍यवाद।